उत्तर प्रदेश

जानिए क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की एंटी रोमियो स्क्वाड, महिलाओं की ऐसे होगी सुरक्षा

जानिए क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की एंटी रोमियो स्क्वाड, महिलाओं की ऐसे होगी सुरक्षा
जानिए क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की एंटी रोमियो स्क्वाड, महिलाओं की ऐसे होगी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार के गठन के साथ ही चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों पर अमल होना शुरू हो गया है। न्यू़ योजना आपको बता दे कि, चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में अन्य मुद्दों के साथ अवैध बुचरखानों (Slaughter House) पर प्रतिबंध और राह चलते लड़कियों और महिलाओं से छेड़खानी पर लगाम लगाने के लिए सभी पुलिस थानों में एंटी – रोमियो स्क्वाड के गठन को प्रमुखता से स्थान दिया था।

अब जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई है तब दोनों मुद्दों पर कारवाई भी शुरू हो गई है। बहरहाल, देश और प्रदेश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी 22 मार्च 2017 से उत्तर प्रदेश की पुलिस द्वारा प्रदेश भर में शुरू किए गए एंटी – रोमियो स्क्वाड की कारवाई की चर्चा है।

एंटी रोमियो स्क्वाड क्या है

गौरतलब है कि लड़कियों और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के लिए उत्तर प्रदेश काफी कुख्यात हो चुका था। आए दिन यहाँ से छेड़खानी, बलात्कार आदि की ख़बरें समाचार जगत की सुर्खियाँ बनती रही हैं। भीडभाड़ वाले स्थानों, स्कूल, कॉलेजों आदि जगहों पर शरारती लड़के महिलाओं और लड़कियों पर न सिर्फ अश्लील कमेंट करते रहे हैं। बल्कि सारी हदों को पार करते हुए उनको शारीरिक तौर पर भी प्रताड़ित करने की घटनाएँ भी होती रही हैं।

कई मामलों में बलात्कार और चेहरे पर तेजाब फेंकने जैसी घटनाओं से भी महिलाओं और लड़कियों को गुजरना पड़ा है। स्वाभाविक था कि चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बना और भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो एंटी – रोमियो स्क्वाड का गठन कर मजनुओं के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाया जाएगा और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाएगी. वर्तमान में राज्य की पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एंटी – रोमियो अभियान नई सरकार द्वारा किए गए वादे का ही हिस्सा है।

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एंटी – रोमियो स्क्वाड का उद्देश्य

एंटी रोमियो स्क्वाड का उद्देश्य महिलाओ को सुरक्षा प्रदान करना है महिला के साथ होने वाली छेड़खानी को लगाम लगाने के उद्देश्य से एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया गया है।

एंटी – रोमियो स्क्वाड का गठन और प्रारूप

एंटी – रोमियो स्क्वाड का गठन किया गया है। इसके तहत प्रदेश को कई पुलिस जोनों में बांटा गया है। हर जोन में करीब 500 पुलिस के अधिकारी और जवान इस स्क्वाड के तहत काम करेंगे। जोन में एक थाने के अंतर्गत दो से तीन टीमें बनाई गई हैं।

हर टीम में दो पुलिस के जवान होंगे। कोशिश की जाएगी कि प्रत्येक टीम में एक पुरुष और एक महिला पुलिस अधिकारी हों। अगर एक थाने के अंतर्गत ज्यादा स्कूल, कॉलेज और बाज़ार होंगे तो वहां पर टीमों की संख्या बढ़ाने का भी प्रावधान है।

एंटी-रोमियो स्क्वाड की ये टीम स्कूल, कॉलेज, बाज़ार सहित अन्य सार्वजनिक जगहों के आसपास घूमेंगी और संदिग्धों पर नज़रें रखेंगी। इस टीम का मुख्य काम ऐसे शख्स की पहचान करना होगा। जो लड़कियों या महिलाओं का पीछा कर रहे हों या फिर उनपर अश्लील कमेंट या फब्तियां कस रहे हों। पुलिस के ये जवान और अधिकारी वर्दी में भी हो सकते हैं और सादे लिवास में भी होंगे।

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इस अभियान को विवादों से बचाने के लिए प्रावधान किया गया है कि, दोषियों की पहचान होने पर पहले तो उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा, या फिर उसके अभिभावक को उसके कृत्यों के बारे में सूचित किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई करने का प्रावधान उस परिस्थिति में किया गया है जब मामले अधिक गंभीर होंगे। यानि शारीरिक प्रताड़ना की स्थिति में दोषियों पर कानून के तहत कड़ी कारवाई करने का प्रावधान किया गया है।

किस तरह काम करता है एंटी रोमियो स्क्वाड

22 मार्च 2017 से प्रदेश के कई भागों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एंटी रोमियो अभियान शुरू कर दिया है। इस क्रम में सबसे पहले प्रदेश की राजधानी लखनऊ और मनचलों के कृत्यों से सबसे अधिक प्रभावित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मेरठ में करवाई शुरू की गई है। पुलिस की कारवाई का असर भी दिखने लगा है।

पुलिस स्कूल, कॉलेज और बाज़ार में बिना किसी कारण के मटरगश्ती कर रहे मनचले टाइप लोगों को पहले सचेत कर रही है। उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें लड़कों की गलत हरकतों के बारे में सूचित किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हम कड़ी कारवाई से तब तक बचते रहेंगे जबतक दोषियों के खिलाफ कोई गंभीर मामला नहीं होगा।

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एंटी – रोमियो स्क्वाड में आम जनता की भी होगी सहभागिता

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मनचलों पर नकेल कसने के लिए अपने एंटी – रोमियो अभियान में आम जनता की भी सहभागिता सुनिश्चित की है। थाने के बीट कांस्टेबल मनचलों की गतिविधियों पर नज़र तो रखेंगे ही, साथ ही स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास के दुकानदारों, पान वाले, रेहरी-पटरी वाले आदि से भी पुलिस मदद लेगी।

भीडभाड़ वाले इलाकों में भी इसी तरह से दुकानदारों के सहयोग से मनचलों के बारे में सूचनाए एकत्रित की जाएगी। साथ ही पुलिस ने इस संबंध में जन-जागरूकता अभियान भी चलाने का फैसला किया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए आम लोगों को संदेश दिया जाएगा कि लड़कियों और महिलाओं को छेड़ने वाले मनचलों के खिलाफ सरकार सख्त कारवाई करेगी।

एंटी – रोमियो स्क्वाड द्वारा जारी किया जाएगा हेल्पलाइन

एंटी – रोमियो स्क्वाड को अधिक सशक्त बनाने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे। फ़िलहाल लोग पुलिस सेवा के लिए कार्यरत 100 नंबर और 1090 नंबर का उपयोग कर सकते हैं।
एंटी – रोमियो स्क्वाड की कारवाई का असर (Anti – Romeo squad now)

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