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जानिए क्या है राजस्थान सरकार की बूंद-बूंद सिंचाई योजना, ऐसे मिलेग फायदा

जानिए क्या है राजस्थान सरकार की बूंद-बूंद सिंचाई योजना, ऐसे मिलेग फायदा

राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए ‘बूंद-बूंद सिंचाई योजना’ शुरू की थी। बूंद-बूंद सिंचाई योजना सिंचाई की एक विशेष विधि है जिसमें पानी और खाद की बचत होती है। इस विधि में पानी को पौधों की जड़ों पर बूँद-बूंद करके टपकाया जाता है। इस कार्य के लिए वाल्व, पाइप, नलियों तथा एमिटर का नेटवर्क लगाना पड़ता है।

इसे ‘टपक सिंचाई योजना’ भी कहा जाता हैं। राजस्थान राज्य की भौगोलिक स्थिति के अनुसार यहां बूंद-बूंद सिंचाई (फौव्वारा प्रणाली) सबसे उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि ज्यादातर खेत ऐसे हैं कि जिनमें पानी का रूके रहना संभव नहीं है। इस प्रणाली के विकसित होने के बाद किसान असमतल भूमि पर भी खेती कर सकता हैं।

सरकारी स्तर पर मिल रही मदद

‘बूंद-बूंद सिंचाई योजना’ को विकसित करने में किसानों सरकारी स्तर पर भी सहयोग मिल रहा है, इसलिए इसके प्रति किसानों का विशेष आकर्षण है। बूंद-बूंद प्रणाली के लिए कनेक्शन लेने वाले किसानों को पांच हेक्टेयर तक के क्षेत्रफल के लिए कुल लागत में 70 फीसदी का अनुदान कृषि विभाग की ओर से दिया जा रहा है।

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किस तरह योजना है उपयोगी

ये प्रणाली जहां हर तरह के खेत के लिए उपयोगी है वहीं इसके तहत सिंचाई व्यवस्था करने में ज्यादा लागत की भी जरूरत नहीं पड़ती है, इसलिए भी किसान इस योजना के प्रति काफी आकर्षित हैं। बूंद-बूंद सिंचाई के लिए कनेक्शन भी प्राथमिकता के स्तर पर दिए जा रहे हैं।

इसी तरह सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ड्रिप संयंत्र स्थापना पर सभी सफलों के लिए 70 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में जहां समुचित सिंचाई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं वहीं पानी बचाने की भी कोशिशें जारी हैं।

योजना के लाभ

कीमती पानी का दुरुपयोग न हो पाए। इसके लिए इस तरह की योजनाओं की तरफ सरकार का आकर्षण बना हुआ है। ‘बूंद-बूंद सिंचाई योजना’ के जरिए सिंचाई भी की जाती है और पानी की बचत भी होती है। यही वजह है कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 1,79,774 हेक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा सिंचाई संयंत्र एवं 16,769 हेक्टेयर क्षेत्र में बूंद-बूंद सिंचाई एवं मिनी स्प्रिंकलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं।

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इसे और विस्तारित करने की तैयारी चल रही है। सरकार की कोशिश है कि इसे हर किसान तक पहुंचाया जाए, जिससे राज्य सभी प्रकार के उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बन सके तथा साथ ही यहां के किसानों की माली हालत में भी सुधार हो सके।

इस योजना के लिए राजस्थान के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी इस क्षेत्र में प्रयोग करने का मन बना रही है। राजस्थान सरकार भी उनके साथ अनुभव साझा करना चाह रही है।

कैसे करें आवेदन

योजना का लाभ उठाने के लिए आप राजस्थान सरकार की सरकारी वेबसाइट पर जा सकते हैं या फिर यहां क्लिक कर सकते हैं। यहां पर जाकर आप ‘किसानों के लिए योजनाएं’ क्लॉम पर क्लिक करें।

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इसके बाद सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं की लिस्ट आपके सामने उपलब्ध होगी। इसमें 13वें स्थान पर फव्वारा सिंचाई योजना का विवरण और फॉर्म आपको मिल जाएगा। जहां पर जाकर आप फॉर्म भरकर योजना का लाभ ऊठा सकते है। इसके लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।

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