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जानिए क्या है महाराष्ट्र सरकार की पंजाबराव देशमुख योजना, छात्रावासों को मिलेगा लाभ

जानिए क्या है महाराष्ट्र सरकार की पंजाबराव देशमुख योजना, छात्रावासों को मिलेगा लाभ

महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा पंजाबराव देशमुख योजना के तहत किसानों के बच्चों के लिए छात्रावास शुल्क योजना की शुरुआत की जा रही है। जिसके जरिए उन गरीब और असहाय किसानों को सहायता मिलेगी।

जो अपने बच्चों का पालन पोषण करने में सक्षम नहीं हो पाते। बता दें हाल ही में राज्य सरकार द्वारा गरीब किसान के बच्चों के लिए छात्रावास शुल्क प्रदान करने की योजना बनाई गई है। महाराष्ट्र सरकार की इस योजना का कुल बजट 1000 करोड़ रखा गया है।

पंजाबराव देशमुख योजना- महाराष्ट्र में छात्रावास शुल्क प्रदान करने के लिए

महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि जिन विद्यार्थियों की पारिवारिक आय छह लाख रुपए से कम है उनको मेडिकल और इंजीनियरिंग सहित किसी भी पेशेवर और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए फीस मांग मिलेगी। यह योजना राज्य के उन सभी किसानों के लिए लागू होगी जिनकी आय 6 लाख तक है। जिस प्रकार से ओबीसी को 50 प्रतिशत शिक्षा में छूट मिलती है उसी प्रकार से अब 6 लाख से कम आय वालों को यह सुविधा दी जाएगी। बशर्त कि छात्र को कुल अंको में से 60 प्रतिशत नंबर लाने होंगे।

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योजना लागू करने का प्रमुख उद्देश्य

योजना ख़ासतौर से उन किसानों के लिए लागू की गई है जिन्हें आपदाओं के कारण फसलों पर अधिक नुकसान झेलना पड़ता है। इन सबके बीच किसान अपने परिवार की जरुरतों को पूरा नहीं कर पाता वहीं इन्हें बच्चों की शिक्षा में भी कटौती करनी पड़ती है। ऐसे में राज्य सरकार उन गरीब किसानों की मदद करेगी जो एक गरीब तबके से आते होंगे।

ऐसे बच्चों को सरकार द्वारा निशुल्क छात्रावास प्रदान किया जाएगा। जिससे यह छात्र भी अपने सपनों को पूरा करने में कामियाब हो। अक्सर देखा गया है कि कई छात्र घर की आर्थिक स्थिति के कारण उच्च शिक्षा मज़बूरन वश छोड़ देते है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला छात्रावास शुल्क इन लोगों के लिए लाभकारी सिद्द होगा।

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महाराष्ट्र सरकार की पंजाबराव देशमुख योजना

राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजर्षि शाहू महाराज फीस प्रतिपूर्ति योजना पहले सिर्फ एससी- एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए लागू की थी। उन्होंने कहा था कि एससी- एसटी छात्रों को फीस में 100 प्रतिशत जबकि ओबीसी विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत छूट प्राप्त थी। अब इसका विस्तार उन सभी विद्यार्थियों के लिए जा रहा है। जिनकी पारिवारिक आय छह लाख रुपए से कम है और जिन्होंने दाखिले के वक्त 50 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं। 2.5 लाख रुपए की पारिवारिक आय वालों के लिए कोई शर्त नहीं होगी।

योजना प्रमुख तत्व

ढाई लाख रुपए सालाना आय वालो को कोई नियम नहीं।


भाऊसाहेब पंजाबराव देशमुख के नाम से योजना शुरु होगी।


जिस किसान की कम जमीन है उसके बच्चों को शहर में पढ़ाई के लिए


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योजना प्रमुख विशेषताएं

इस फैसले से सरकारी कॉलेजों के 6000 विद्यार्थियों और निजी स्कूलों के 1.45 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

सीमांत किसानों और पंजीकृत मजदूरों के बच्चों के छात्रावास की फीस भरने के लिए पंजाबराव देशमुख योना को लागू करने का फैसला सरकार द्वारा लिया गया है।


बड़े शहरों में यह राशि 30,000 रुपए प्रतिवर्ष जबकि जिला स्तर के शहरों में 20,000 रुपए प्रतिवर्ष होगी।


योजना के तहत प्रत्येक विद्यार्थी महाराष्ट्र राज्य समेत भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से उच्च शिक्षा के लिए लाभान्वित हो सकेगा साथ ही राज्य सरकार की इस योजना के जरिए कहीं भी मुफ्त रह पाएगा।


प्रत्येक छात्र, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों में अपनी पढ़ाई के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता ले सकेगा हालांकि यह सहायता छात्रावास के लिए दी जाएगी।

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