ओडिशा

जानिए क्या है ओडिशा सरकार का त्रित्यप्रकाश सुरक्ष्य अभियान, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा लाभ

जानिए क्या है ओडिशा सरकार का त्रित्यप्रकाश सुरक्ष्य अभियान, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा लाभ

ओडिशा सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए तृतीया प्रकृति सुरक्ष्य अभियान नामक एक नई योजना की शुरुआत करने का फैसला लिया है। योजना का उद्देश्य ट्रांसजेंड़र छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, पुनर्वास सुविधाओं, रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक ट्रांसजेंडर अब सिर उठाकर जीने में सक्षम होगा।

क्या है ओडिशा की तृतीय प्रकृति सुरक्ष्य अभियान

राज्य एसएसईपीडी द्वारा हाल ही में राज्य में एक नई योजना शुभांरभ किया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन से पहले, एसएसईपीडी विभाग में ओडिशा राज्य में एक नई योजना सर्वेक्षण शुरु किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए पुनर्वास सुविधाएं, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर पैदा करने के सातथ अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना है। ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान के लिए तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान योजना के दिशा निर्देश सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्ति सशक्तिकरण विभाग एसएसईपीडी द्वारा शुरु किए जाएंगे।

योजना लागू करने का प्रमुख उद्देश्य
हमारा समाज तीन श्रेणियों में विभक्त है पहला पुरुष, दूसरा स्त्री और तीसरा तबका किन्नर जिसे हम और आप ज्यादातर ट्रांसजेंडर के नाम से संबोधित करते है। तीसरे तबके की बात की जाए यानि की ट्रांसजेंडर तो इन्हें समाज में आज भी हिन्न भावना से देखा जाता है। इस समुदाय के प्रति लोगों की नज़रे हमेशा से ही क्रुर रही है। ऐसे में ओडिसा सरकार द्वारा इस समुदाय के लिए एक सुलभ फैसला लिया गया है जिसके तहत प्रत्येक ट्रांसजेंडर छात्र की शिक्षा से लेकर रोजगार के अवसर स्थापित करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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ओडिसा में ट्रांसजेंडर की स्थिति

वर्ष 2011 के सामाजिक- आर्थिक जाति जनगणना के मुताबिक ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में 43,161 और शहरी क्षेत्रों में 4,632 ट्रांसजेंडर जनसंख्या दर्ज की गई थी। समाज का बड़ा हिस्सा होने के बावजूद ट्रांसजेंडर समुदाय इतने लंबे समय तक समाज से विमुख रहे हैं। वर्ष 2014 के सर्वोच्च न्यायलय के फैसले में ट्रांसजेंडर समुदाय को कानूनी रुप से समाज का तीसरा जेंडर माना था। यह केंद्र और राज्य सरकार का कर्तव्य है कि उन्हें सभी अवसर प्रदान करें और उन्हें एक सम्मानजनक को अनुमति दे दी है और जेल वॉर्डन के तौर पर उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु की गई है।

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ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए तृतीया प्रकृति सुरक्ष्य अभियान से मिलेंगे ये लाभ

  • इस योजना का लाभ केवल ट्रांसजेंडर समुदाय को दिया जाएगा।
  • इस समुदाय को पहचान और पुनर्वास दिलाने का काम किया जाएगा।
  • इन्हें रोजगार के अवसर भी दिए जाएगे।
  • ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्रों को 550 रुपए का दैनिक छात्रवृत्ति के हिसाब से मासिक मीट्रिक छात्रवृत्ति मिलेगी।
  • इन छात्रों को 10 महीनों के लिए हॉस्टल बोर्डर्स के लिए 1200 रुपए दिए जाएंगे।
  • राज्य सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन करेगी और 200 घंटे के पाठ्यक्रम के लिए ट्रांसजेंडर ट्रेनी को 15000 रुपए प्रदान करेगी।
  • इसके अलावा सरकार प्रत्येक ट्रांसजेंडर छात्र के लिए एक वर्ष के लिए मासिक 150 रुपए की सहायता भी देगी जो दिन में स्कूल में अध्ययन कर रहे हैं।
  • छात्रवृत्ति सहायता उन छात्रों के लिए भी की जाएगी जो राज्य के स्कूलों में 8वीं से 10वीं कक्षा में हैं।
  • नई योजना के तहत सरकार ट्रांसजेंडर बच्चों के माता- पिता के लिए 1000 रुपए मासिक सहायता प्रदान करेगी।
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तृतीया प्रकृति सुरक्ष्य अभियान की जरूरी बातें

  • देश में पहली बार ओडिशा सरकार ने 15 अगस्त को महात्मा गांधी मार्ग पर होने वाली राज्य स्तरीय परेड में ट्रांसजेंडरों को भाग लेने की अनुमति दी है।
  • 30 ट्रांसजेंडरों वाली एक टुकड़ी ने नया पल्ली इलाके में प्रशिक्षित शिक्षक के निर्देश में पूर्वाभ्यास शुरु कर दिया है।
  • ट्रांसजेंड़रों पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत राज्य सरकार ने उन्हें जेल वार्डर के तौर पर नियुक्त करने का फैसला किया है जिसके बाद भर्तियों के लिए ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग को सूचित किया गया है।
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