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जानिए क्या है महाराष्ट्र सरकार की पत्रकारों के लिए पेंशन योजना, मिलेगा ये फायदा


जानिए क्या है महाराष्ट्र सरकार की पत्रकारों के लिए पेंशन योजना, मिलेगा ये फायदा


महाराष्ट्र विधानसभा में पत्रकार संरक्षण कानून विधेयक हाल ही में पारित किया गया था। वहीं अब राज्य मुख्यमंत्री फडणीस प्रत्येक पत्रकार की जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए राज्य में ‘पेंशन योजना’ की शुरुआत करने जा रहे है। जिसके तहत राज्य के प्रत्येक पत्रकार को सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। बतातें चलें की महाराष्ट्र से पहले पत्रकारों को पेंशन एक मात्र राज्य हरियाणा में दी जा रही है।

क्यों है जरुरी पेंशन योजना

मीडियाकर्मी हमेशा से ही समाज में सुधार की अहम भूमिका निभाते आए हैं वहीं सरकार और लोगों के बीच भी एक संतुलन स्थापित करने में कामियाब रहें है। देखा जाए तो मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है ऐसे में उनके भविष्य का ख्याल रखना सरकार का पहला कर्तव्य है। शायद इसी प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए ‘पेंशन योजना’ की शुरुआत की गई है। जिसके जरिए अब पत्रकार भी पेंशन के अधिकारी होंगे।

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महाराष्ट्र विधानसभा में पत्रकार संरक्षण कानून विधेयक

महाराष्ट्र विधानसभा में पत्रकार संरक्षण कानून विधेयक के अंतर्गत प्रत्येक पत्रकार एवं पत्रकार संस्थाओं पर हमला करना अब दंडनीय अपराध माना जाएगा। इस विधेयक के तहत स्वतंत्र पत्रकार और कांट्रेक्ट पर नियमित रुप से पत्रकारों को भी सरंक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं इस कानून के तहत पत्रकार पर हमला करने वालों और पत्रकारिता की आड़ में अनुचित काम करने वालों को 3 साल तक की सजा और 50 हजार रुपए तक जुर्माना भरना होगा।

इसके अलावा हमलावर को पीड़ित पत्रकार के इलाज के लिए खर्च वहन करना होगा। मीडिया संस्थान पर भी हमला करने पर इसके नुकसान का हर्जाना देना होगा। अगर कोई झुठी शिकायत करता है तो उस पर भी सख्ताई बरती जाएगी।

योजना महत्वपूर्ण बातें

महाराष्ट्र सरकार राज्य में पत्रकारों के लिए एक पेंशन योजना का विस्तार करने जा रही है। जिस पर स्वयं राज्य मुख्यमंत्री फडणीस अध्ययन कर रहें है।

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सरकार पत्रकारों के लिए पेंशन योजना के बारें में सकरात्मक है और अन्य राज्यों की पेंशन योजनाओं का अध्ययन कर रही है।

राज्य मुख्यमंत्री देश के पहले मंत्री है जिन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की चिंता की और पत्रकारों को एक तरह से सरंक्षण प्रदान किया यह सच में सराहनीय योग्य है।

महाराष्ट्र विधानसभा में पत्रकार सरंक्षण कानून विधेयक पारित किया गया है। जिसके तहत अब पत्रकारों और पत्रकार संस्थाओं पर हमला करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा।

इसके अलावा विधेयक के तहत स्वतंत्र पत्रकार की आड़ में अनुचित काम करने वालों को 3 साल तक की सजा एवं 50 हजार जुर्माना किया जाएगा।
अगर कोई झुठी शिकायत दर्ज की जाती है तो उस पर कड़ी कार्यवाही करने की योजना बनाई गई है।

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महाराष्ट्र में पत्रकारों की स्थिति पर एक आंकड़ा

सरकारी आंकड़े बताते है कि पत्रकारों के लिए महाराष्ट्र सबसे खतरनाक राज्य है। जेजे हत्याकांड के अतिरिक्त कई मामले पत्रकार और पत्रकार संस्थान से जुड़े हुए है। इस वजह से पिछले 12 साल से राज्य के पत्रकार संरक्षण कानून की लगातार मांग कर रहे थे। यहां 4 दिन में 1 पत्रकार की हत्या होना लाज़मी है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार और मीडिया की जद्दोजेहद से अब पत्रकार सुरक्षित महसूस करते है।

वहीं इन पत्रकारों की बाकि जिंदगी भी अच्छे से गुजर जाएं इसलिए सरकार द्वारा अब एक निर्णय इन पत्रकारों की सहायता के लिए लिया गया है। राज्य सरकार की योजना है कि प्रदेश के प्रत्येक पत्रकार को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। यह वित्तीय सहायता पत्रकारों को पेंशन के रुप में उपलब्ध की जाएगी।

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