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जानिए क्या है महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के लिए दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना


जानिए क्या है महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के लिए दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना


महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के लिए ‘दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना’  की बेहतरीन शुरुआत की जा रही है। जिसके तहत राज्य सरकार उन छात्रों को वित्तीय सहयोग देगी जो पढ़ाई में काबिल होने के बावजूद नियमित आय होने के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। बतातें चलें कि इस ख़ास योजना का शुभारंभ महाराष्ट्र राज्य सरकार की सामाजिक न्याय और कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई है।

जिसके घोषणा स्वयं राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणीस ने की है। ये योजना राज्य के एसटी/एससी/अल्पसंख्यक और अति पिछड़े वर्ग को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

योजना लागू करने का प्रमुख उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य एसटी/एससी/अल्पसंख्यक और अति पिछड़े वर्ग को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। जिससे यह छात्र भी अपने सपनों को पूरा करने में कामियाब हो। अक्सर देखा गया है कि कई छात्र घर की आर्थिक स्थिति के कारण उच्च शिक्षा मज़बूरन वश छोड़ देते है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता इन छात्रों को आगे पढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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योजना प्रमुख विशेषताएं

योजना के तहत कोई भी विद्यार्थी महाराष्ट्र राज्य समेत भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से उच्च शिक्षा के लिए लाभान्वित हो सकता है।
प्रत्येक छात्र को, तकनीकी, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों में अपनी पढ़ाई के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए महाराष्ट्र के मेधावी आदिवासी छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।

दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना महत्वपूर्ण बातें

ये योजना ख़ासतौर से अनुसूचित आदिवासी समुदायों के लिए शुरु की गई है, जो कि आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग की श्रेणी में आते है।
योजना के अधीन एक तरह से आदिवासी छात्रों को छात्रवृत्ति के रुप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा में उनकी दर में वृद्धि हो सके।

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इस योजना के जरिए आदिवासी समुदायों को शिक्षा के माध्यम से रोजगार और सशक्तीकरण को बढ़ाने के साथ सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस योजना के अंतर्गच महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।


Tier 1 cities: Rs.6000 per month

Tier 2 cities: Rs. 5000 per month

Tier 3 cities: Rs. 4000 per month


जिन मेडिकल छात्रों की पारिवारिक आय प्रतिवर्ष 2.5 से 6 लाख के बीच है और जिन्होंने शिक्षा ऋण लिया है, सरकार उनके द्वारा लिए गए ऋण के हित का भुगतान करेगी।

दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना
 पात्रता

उम्मीदवार महाराष्ट्र राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

वह SC/ST/ OBS जनजाति एवं आदिवासी समुदाय से संबंधित होना चाहिए।

बोर्ड/ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पूर्ववर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी को कुल अंक में से कम से कम 60 प्रतिशत अंक सुरक्षित करना जरुरी है

दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना
 जरुरी दस्तावेज़

जाति प्रमाण पत्र

पासपोर्ट के आकार की तस्वीर

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मूल निवासी प्रमाण पत्र

गैर मलाईदार परत प्रमाण पत्र

आय प्रमाण पत्र

निवास प्रमाण पत्र

आधार कार्ड

स्कूल मार्क शीट्स

स्कूल सर्टिफिकेट

बोनफाइड प्रमाण पत्र


बैंक विवरण में डाली जानें वाली जानकारी


आईएफएससी कोड

एनआईसीआर कोड

खाता संख्या

खाता धारक

धारक का नाम

शाखा का नाम

आवेदन प्रक्रिया दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना


  • यदि इच्छुक छात्र योजना का लाभ उठाना चाहता है तो महाराष्ट्र की शिक्षा संबंधित वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर सकते है।
  • राज्य के भीतर पढ़ रहे छात्र अपने संबंधित संस्थानों से फॉर्म ले सकते है।
  • इसके अलावा राज्य के बाहर पढ़ाई वाले करने वाले छात्र अधोसंरचना के कार्यालय से फॉर्म जमा कर सकते हैं।
  • योजना के तहत अभ्यर्थी को आवेदन पत्र सॉफ्ट कॉपी के साथ प्रस्तुत करना होगा।
  • छात्रों को सभी दस्तावेजों के साथ संस्थान के मुखिया के साथ आवेदन पत्र जमा करना होगा

अधिक जानकारी के लिए इन लिंक पर क्लिक करें

https://www.maharashtra.gov.in/1125/Home

https://mahaeschol.maharashtra.gov.in/MahaEschol/Scholarships/Account/Login.aspx#1

https://swayam.mahaonline.gov.in/SwayamRegistration/SwayamRegistration

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