मध्य प्रदेश

जानिए क्या है मध्य प्रदेश में शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना, विद्यार्थियों को मिलेगी अच्छी शिक्षा

जानिए क्या है मध्य प्रदेश में शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना, विद्यार्थियों को मिलेगी अच्छी शिक्षा
जानिए क्या है मध्य प्रदेश में शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना, विद्यार्थियों को मिलेगी अच्छी शिक्षा

‘शाला सिद्दि- हमारी शाला ऐसी हो’, कार्यक्रम के अंतर्गत ‘शाला सिद्दि प्रोत्साहन योजना’ की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम को प्रथम चरण में प्रदेश के 25,000 चयनित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में लागू किया जा चुका है।

योजना के तहत शालाओं द्वारा किए गए उत्तम कार्यो को प्रदर्शित करने के लिए, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण निर्मित करने और अच्छे प्रयासों को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से ‘शाला सिद्दि- हमारी शाला ऐसी हो’, कार्यक्रम को तैयार किया गया है।

मध्य प्रदेश में शाला सिद्दि प्रोत्साहन की शुरुआत

Madhya Pradesh introduces school spirit promotion

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘शाला सिद्दि प्रोत्साहन योजना’ की शुरुआत 7 अप्रैल 2016 को की गई थी। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना को अस्तित्व में लाया गया ताकि सरकारी शिक्षा में सुधार के साथ शिक्षकों को सम्मानित किया जा सके।

पहले से क्रियान्वित है शाला सिद्दि कार्यक्रम

SALA SIDDY PROGRAM PREVENTED

शाला सिद्दि- ‘हमारी शाला ऐसी हो’ कोई नया कार्यक्रम नहीं है बल्कि पूर्व वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता के क्षेत्र में किए गए विभिन्न प्रयासों को एकीकृत कर इन्हें सुनियोजित रुप से क्रियान्वयन करने का प्रयास है।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शाला का उन्नयन से तात्पर्य ये है कि शाला का विकास इस प्रकार हो कि शाला की अकादमिक एवं सह अकादमिक प्रक्रियाओं से विद्यार्थियों को भयमुक्त एवं आनंददायी वातावरण में सीखने के अवसर मिलें और प्रत्येक विद्यार्थी अपनी आयु के अनुरुप दक्षता एवं कौशलों को अर्जित कर सके।

शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना की खास बात

Key Features of Planning

कार्यक्रम में शालाओं के मूल्यांकन और उन्नयन की एक सकरात्मक परिकल्पना और पहल की गई।

कार्यक्रम में सहभागी होकर शालाएं अपने आप को सक्षम करने के लिए स्वयं का सतत मूल्याकंन कर चिन्हित क्षेत्रों में शाला उन्नयन की कार्य योजना के माध्यम से शाला का विकास कर सकेगी।

ये निरंतर चलने वाली प्रक्रिया होगी। जिसके माध्यम से अपेक्षित है कि शालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भयमुक्त और आनंददायी वातावरण में सीखने का मौका मिलेगा।

योजना के तहत विद्यार्थी अपनी आयु और गति के साथ सीखते हुए दक्षता और कौशल अर्जित करने में सक्षम होंगे।

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शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना का प्रमुख तत्व

Key elements of planning

इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल की गई शालाओं द्वारा शाला उन्नयन कार्ययोजना निर्धारित समय सीमा में सफलतापूर्वक हासिल कर ली गई है।
शाला सिद्दि प्रोत्साहन पुरस्कार के अंतर्गत उत्कृष्ट योजना का निर्माण और उसके अनुसार कार्य करने वाली शालाओं को समारोह के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा।

योजना द्वारा शासकीय शालाओं में कार्य करने वाले शिक्षकों के कार्यो का मनोबल बढ़ाया जा सकेगा ताकि वह उत्साहपूर्वक कार्य संपन्न कर सके।
योजना के तहत अब तक 25,000 स्कूलों में शाला सिद्दि प्रोत्साहन योजना शुरु की गई है।

योजना के तहत जिला स्तरीय कोर कमेटी तीन प्राथमिक और तीन माध्यमिक शालाओं का चयन करेंगे, जिनको 5 सितंबर 2017 को शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।

शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना का फायदा

Plan profit

योजना के तहत सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए उपयोगी साबित होगी।

शाला सिद्दि प्रोत्साहन पुरस्कार योजना सरकारी शालाओं में कार्यरत शिक्षकों के कार्यों को मान्यता दिलाकर उनके मनोबल को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

योजना के अंतर्गत दो स्तर पर पुरस्कार दिए जाएंगे

So far the methodology of the plan

विकासखंड स्तर- तीन प्राथमिक शालाएं तीन माध्यमिक शालाएं

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जिला स्तर- तीन प्राथमिक शालाएं तीन माध्यमिक शालाएं


शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना की अब तक की कार्यप्रणाली

Site related to Shala Siddhi Incentive Scheme

पिछले कुछ वर्षों से सभी विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर कई नए प्रयास किए हैं। इन सबका उद्देश्य है। शाला में सुधार हो तथा वो अच्छा कार्यप प्रदर्शन कर सकें। इस परिप्रेक्ष्य में विभिन्न स्तरों पर लगातार ऐसी पद्धतियों को विकसित करने के प्रयास किए जा रहें हैं।

जिसमें शालाओं के समग्र मुल्यांकन के माध्यम से विकास की एक निश्चित योजना बनाकर उनका उन्नयन किया जा सके। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित ‘प्रतिभा पर्व’, हमारी शाला कैसी हो, शाला विकास योजना, शाला गुणवत्ता कार्यक्रम, शाला दर्पण प्रायोजनाएं इन्हीं प्रयासों के उदाहरण हैं।

शाला सिद्धि प्रोत्साहन योजना से जुड़ी साइट

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