जानिए क्या है हिमाचल सरकार की मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
प्रधानमंत्री योजना

जानिए क्या है हिमाचल सरकार की मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना, मिल सकती है 30 लाख की मदद

देश में जहां योजनाओं का दौर चल पड़ा है वहां हिमाचल प्रदेश कैसे पीछे रह सकता है। जी हां, बात हिमाचल जैसे खूबसूरत राज्य की हो रही है। तो सामान्य है यहां की किसी ख़ास योजना की जानकारी आज हम आप तक पहुंचाने जा रहे है। जिससे अब हिमाचल को लेकर आपकी सोच में भी परिवर्तन आ सकता है।

दरअसल हिमाचल प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना’ के नाम से एक नई योजना की बेहतरीन शुरुआत की है। जिसके अंतर्गत नयी औद्योगिक इकाईयों को 3 साल तक निरिक्षण में छूट दी जाएगी। इस योजना की शुरुआत सरकार ने अपने राज्य में नए विचारों, उत्पादों, व्यवसायीकरण और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए की है।

क्या है ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना’

‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना’ हिमाचल प्रदेश की बहुचर्चित योजनाओं में से एक है जिसके तहत राज्य सरकार तीन वर्ष तक प्रति इनक्यूबेटर संगठन को 30 लाख रुपए तक की उदार और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा जो इनक्यूबेटर संगठन नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बने हैं उन्हें सरकार द्वारा शिक्षा और सलाह भी दी जाएगी।

इसे भी पढ़े   जानिए क्या है महाराष्ट्र सरकार की पत्रकारों के लिए पेंशन योजना, मिलेगा ये फायदा


स्टार्टअप और नए उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा हाल ही में राज्य के बजट में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना’ की घोषणा की गई थी। जिसके लिए राज्य में सभी नए उद्यमों को पंजीयन के लिए स्वयं सत्यापित जमा करने होंगे। इसके तहत 15 दिनों के भीतर सभी विभाग अस्थायी पंजीयन जारी करेंगे। साथ ही राज्य का उद्योग विभाग छोटे उद्योगों को रियायती दरों पर औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन भी मुहैया कराएंगे।

योजना लागू करने का उद्देश्य

अक्सर जब भी लोग हिमाचल प्रदेश की बात करते है तो केवल दवा, परिधान और पर्यटन उद्योगों की तस्वीर ही उभर कर सामने आती है। लेकिन अब स्थिति में बदलाव आ रहा है और अब देश के साथ राज्य भी बदल रहें है। कुछ यहीं सोचकर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि अब लोग प्रदेश के उद्यमशीलता पर भी विचार करने के लिए आगे आ सके।

योजना प्रमुख तत्व

·       तीन साल के लिए नई औद्योगिक इकाइयों का कोई निरीक्षण नहीं होगा।

·       इनक्यूबेटर संगठनों को उदार और वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इसे भी पढ़े   जानिए क्या है मध्यप्रदेश सरकार की अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति मुख्यमंत्री विदुषी योजना

·       अधिकारी औपचारिकताओं के लिए सेल्फ अटेस्टड प्रमाण पत्र पर्याप्त होंगे।

·       स्टांप ड्यूटी पर 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

·       उद्योग विभाग द्वारा निर्धारित दर के 50 प्रतिशत पर जमीन दी जाएगी।

·       नई योजना के बाद राज्य को व्यापार के हिसाब से देश के शीर्ष 10 राज्यों में गिना जा सकेगा।

·       राज्य के बद्दी, बरोटोवाला, ऊना, पांवटा साहिब आदि को स्टार्टअप केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा।

योजना से जुड़ी अन्य जानकारी

·       ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना‘के तहत उद्यमों को अब ऑनलाइन या मेन्युअल रुप ले केवल स्वयं प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

·       सभी विभाग दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के 15 दिन के भीतर अंतरिम पंजीकरण जारी करेंगे।

·       नए निवेश के लिए शीघ्र मंजूरी प्रदान करने के लिए राज्य में हिमाचल ब्यूरो ऑऱ इन्वेस्टमेंट की स्थापना की जा रही है ताकि औद्योगित घराने वाले हिमाचल में निवेश कर सकें।

·       राज्य सरकार ने फैसला किया है कि उद्योग स्थापित करने की सहमति शुल्क तथा ग्रीन उद्योग और ओरेंज उद्योगों के मामले में नवीकरण के लिए सहमति शुल्क क्रमश 25 व 10 फीसदी कम किया जाएगा।

इसे भी पढ़े   जानिए क्या है आंध्र प्रदेश सरकार की ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए फाइबर ग्रिड परियोजना

·       उद्योग विभाग का सारा डाटा ऑनलाइन होगा।

·       योजना के तहत किसी भी तरह की आधिकारिक औपचारिकता के लिए स्वयं द्वारा अभिप्रमाणित दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र ही काफी होंगे ताकि स्टार्टअप को किसी भी तरह के विलम्ब या बाधाओं का सामना ना करना पड़े।


स्टार्टअप योजना के प्रमुख लाभ

·       योजना के तहत अब तीन साल के लिए नई औद्योगिक इकाइय़ों का कोई निरीक्षण नहीं होगा।

·       योजना के अंतर्गत इनक्यूबेटर संगठनों को उदार और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

·       अधिकारी औपचारिकताओं के लिए सेल्फ अटेस्टेड प्रमाण पत्र पर्याप्त होंगे।

·       स्टांप ड्यूटी पर 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

·       उद्योग विभाग द्वारा निर्धारित दर के 50 प्रतिशत पर जमीन दी जाएगी।

जानिए क्या है हिमाचल सरकार की मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना, मिल सकती है 30 लाख की मदद
Click to comment
To Top