प्रधानमंत्री योजना

जानिए क्या है भारत सरकार का प्रधानमंत्री सुगम्य भारत अभियान, दिव्यांगों को मिलेगा ये फायदा

जानिए क्या है भारत सरकार का प्रधानमंत्री सुगम्य भारत अभियान, दिव्यांगों को मिलेगा ये फायदा
जानिए क्या है भारत सरकार का प्रधानमंत्री सुगम्य भारत अभियान, दिव्यांगों को मिलेगा फायदा

अक्सर आप बड़े बड़े शॉपिंग मॉल में घुमकर खूब आनंद लेते होंगे। ऐसे ही फुट ब्रीज, रेलवे और बहुत सी ऐसी जगह जहां आपकी सुविधा के लिए सरकार ने कई पुख्ता इंतजाम किए है। लेकिन जरा गौर करें ये सभी सुविधा हमारी दिनचर्या को ध्यान में रखकर की गई है। जहां हम और आप पूरी तरह से स्वस्थ है।

लेकिन कभी आपने सोचा, हमारे विकलांग भाई और बहनें कैसे सफ़र करते होंगे। उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। शायद कभी नहीं, क्योंकि हम उन्हें देखकर एक बार तरस दिखा देते है लेकिन कभी उनके लिए कुछ करते नहीं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने ऐसे विकलांग लोगों के लिए एक ख़ास अभियान चला कर सबकी आंखे खोलने का काम किया है।

जी हां, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जहां गरीब, असहाय और आर्थिक तंगी से जुझ रहे लोगों के लिए कई स्कीम चलाई जा रही है तो वहीं विकलांग लोगों की सुविधा के लिए भी सुगम्य भारत अभियान चलाया गया है। इस अभियान के जरिए एक ऐसा वातावरण स्थापित करना है जहां विकलांग भाई बहन खुद को असहाय महसूस न कर सके।

सुगम्य भारत अभियान

सुगम्य भारत अभियान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के ‘दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’ द्वारा निर्मित एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य देशभर के सभी दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण बनाना है। जिसमें वह खुद को सुखद महसूस कर सके। इस अभियान का शुभारंभ 3 दिसबंर 2015 को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।

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सुगम्य भारत अभियान उपयोगिता

ये अभियान विकलांगता के सामाजिक मॉडल के उस सिद्दांत पर आधारित है जिसमें किसी व्यक्ति की सीमाओं और अक्षमताओं के कारण नहीं बल्कि सामाजिक व्यवस्था के तरीको की वज़ह से विकलांगता महसूस हो। कहने का मतलब है कि समाज में ऐसी व्यवस्था जो इन दिव्यांग को अपमान या विकलांग महसूस कराए ऐसी व्यव्स्था को खत्म करना ही इस अभियान का प्रथम लक्ष्य है।

शारीरिक, सामाजिक, संरचनात्मक और व्यवहार संबंधी बाधाएं सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों में दिव्यागंजनों को समान रुप से भागीदारी करने से रोकती है। बाधा रहित वातावरण से दिव्यांगजनों के लिए सभी गतिविधियों में सम्मान प्रतिभागिता की सुविधा होगा और स्वतंत्र और सम्मानजनक तरीके से जीवन जीने के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा।

अभियान से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • दिव्‍यांग व्‍यक्तियों के लिए व्‍यापक पहुंच की सुविधा के लिए इस अभियान को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
  • इनमें यह विभाग शामिल है- वातावरण तैयार करना, परिवहन और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पारिस्थितिकी तंत्र।

सुगम्‍य भारत अभियान लक्ष्‍य

  • 50 शहरों में कम से कम 25 से 50 सबसे महत्‍वपूर्ण सरकारी भवनों का सुगम्‍यता ऑडिट पूरा करना।
  • राज्‍यों की राजधानियों के सभी सरकारी भवनों में से 50 प्रतिशत भवनों को दिसम्‍बर 2018 तक पूरी तरह से सुगम्‍य बनाना।
  • दिसम्‍बर 2019 तक राज्‍यों के उन दस सबसे महत्‍वपूर्ण शहरों/कस्‍बों के सरकारी भवनों का 50 प्रतिशत सुगम्‍यता ऑडिट पूरा करना और उन्‍हें सुगम्‍य बनाना है। जो पहले और दूसरे चरण में कवर नहीं किए गए थे।
  • सुगम्‍य भारत अभियान के परिवहन सुगमता के कारक का उद्देश्‍य सभी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डों को तत्‍काल और मार्च 2018 तक घरेलू हवाई अड्डों को पूरी तरह से सुगम्‍य बनाना है।
  • सुगम्‍य भारत अभियान के अंतर्गत विभाग का उद्देश्‍य मार्च 2018 तक सरकारी स्‍वामित्‍व के 10 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन वाहक को पूरी तरह से सुगम्‍य बनाना है।
  • सूचना और संचार प्रणाली की सुगम्‍यता, सुगम्‍य भारत अभियान का एक और महत्‍वपूर्ण स्‍तंभ है।
  • इस कारक के अंतर्गत केंद्र और राज्‍य सरकारों की कम से कम 50 प्रतिशत वेबसाइटों को मार्च, 2017 तक सुगम्‍य बनाने का लक्ष्‍य रखा गया है।
  • राज्‍य सरकार की 917 वेबसाइटों को सुगम्‍य बनाने के लिए आदेश पहले से ही दे दिए गए हैं।
  • इसके अतिरिक्‍त इलैक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 56 मंत्रालयों/विभागों की 100 सरकारी वेबसाइटों को सुगम्‍य बनाया जा रहा है।
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अब तक की अभियान प्रक्रिया

  • 32 अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डों में से 25 में रैंप, सुगम्‍य शौचालय, ब्रेल लिपि के साथ लिफ्ट और श्रवण संकेत जैसी सुगम्‍यता की सुविधाएं उपलब्‍ध कराई गई है।
  • विभाग ने पैनलबद्ध सुगम्‍य ऑडिटर के जरिये राज्‍य सरकारों द्वारा चिन्हित 1653 भवनों का सुगम्‍यता ऑडिट पूरा कर लिया है।
  • 1469 भवनों की सुगम्‍यता ऑडिट रिपोर्ट राज्‍य नोडल अधिकारियों को सौंप दी गई है, ताकि इन भवनों के पुनर्निर्माण के लिए वित्‍तीय प्रस्‍ताव जमा कराए जा सके।
  • योजना के तहत 575 भवनों के लिए प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं।
  • 242 भवनों के लिए राज्‍यों को 45.42 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
  • सुगम्‍यता ऑडिट के लिए ऑडिटरों के वास्‍ते 148 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
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प्रमुख जगहों को किया गया शामिल

लखनऊ, कानपूर, बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, भोपाल, कोयंबटूर, इंदौर, जयपुर, वडोदरा, सूरत, नागपूर, पटना, विशाखापट्टनम, रायपुर, गुड़गाव, श्रीनगर, तिरुवंतपुरम, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, और गुवाहटी। इसके अलावा छोटे शहरों में शामिल- वाराणसी, पोर्ट ब्लेयर, ईटानगर, दमन, पणजी, शिमला, रांची, झांसी, नासिक, गांधीनगर, कावारत्ती, इंफाल, शिलांग, आईजोल, कोहिमा, पंडुचेरी, अगरतल्ला, देहरादून, सिलवासा, लुधियाना और फरीदाबाद।

अभियास जे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए

विभाग ने ‘व्‍यापक सुगम्‍यता’ हासिल करने के लिए दिव्‍यांगजनों के लिए एक ऑनलाइन ‘सुगम्‍य पुस्‍तकालय’ का शुभारंभ किया है। विभाग ने सुगम्‍य भारत अभियान से जुड़ी जानकारी को बांटने के लिए मुंबई जैसे बड़े शहरों के अलावा अहमदाबाद, जयपुर, रायपुर, भुवनेश्‍वर, चेन्‍नई और रांची में जागरूकता कार्यशाला आयोजित।

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