छत्तीसगढ़

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ की क्षय पोषण योजना, अब टीवी मरीजों का मुफ्त होगा इलाज

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ की क्षय पोषण योजना, अब टीवी मरीजों का मुफ्त होगा इलाज
जानिए क्या है छत्तीसगढ़ की क्षय पोषण योजना, अब टीवी मरीजों का मुफ्त होगा इलाज

बीजेपी शासित प्रदेश छत्तीसगढ़ में मानव कल्याण के लिए कई कारगार योजनाओं को पारित किया गया है। एक ऐसी ही ‘मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना’ की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा 21 जुलाई 2017 को राजधानी रायपुर में की गई थी। जिसे लागू करने का मकसद टी.बी. जैसी घातक बीमारी से जुझ रहे तमाम मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।

योजना लागू करने का प्रमुख उद्देश्य

हम सभी जानते है कि टी.बी. के लक्षण मिलते ही लोग मरीज से इस तरह का बर्ताव करने लगते है कि मानों कि उसे छूत की बीमारी ने जकड़ लिया हो। वो उससे किनारा बना लेते है। उसकी देखरेख करने के बजाय उससे दूर हो जाते है।

ऐसे मरीज़ एक तो पहले से ही घातक बीमारी से ग्रसित होते है। वहीं परिवार और आस पड़ोस के लोगों का इस तरह का बर्ताव इन मरीज़ को और कमज़ोर बना देता है। इन मरीज़ो के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए ही ‘मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना’ की शुरुआत की गई है।

·         इस पोषण आहार देने का मुख्य उद्देश्य क्षय के मरीजों को पूरक पोषण प्रदान करना है।

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·         क्षय के मरीजों को नियमित एवं पूर्ण उपचार कराने के लिए प्रोत्साहित करना।

·         इसके अलावा क्षय रोगियों में आरोग्य दर में वृद्धि करना भी योजना का उद्देश्य है।

टी.बी. संबंधित जानकारी

टी.बी के मरीजों की कमजोरी केवल टी.बी बीमारी ही नहीं होती बल्कि न्यूट्रिशियन, प्रोटीन आदि अन्य चीज भी होती है। टी.बी. मरीज को आराम के साथ-साथ पर्याप्त न्यूट्रिशियन की भी जरुरत होती है।

बहुत से मरीज कमजोर आर्थिक स्थिति होने के कारण न्यूट्रिशियन की पर्याप्त मात्रा नहीं ले पाते। इसके अतिरिक्त टी.बी. एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जो मूल रुप से कुपोषित मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने के कारण अधिक होती है।

योजना की प्रमुख विशेषता

·         टीवी मरीजों को उपचार तथा पौष्टिक आहार उपलब्ध करना।

·         योजना के तहत मरीजों को पोषण आहार मासिक फूड बकेट के रुप में दिया जाएगा।

योजना के प्रमुख लाभ

·         योजना के शुरु होने से गरीब व आर्थिक रुप से असहाय लोगों को मदद मिलेगी।

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·         योजना का लाभ लेने के लिए सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में पंजीकृत रोगियों को पोषण आहार दिया जाएगा।

योजना के प्रमुख तत्व

·         योजना का शुभारंभ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अजय चंद्राकर द्वारा शुरु किया गया था।

·         योजना के जरिए तपेदिक रोगियों को पौष्टिक आहार मुहैया किया जाता है।

·         इस तरह की योजना शुरु करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।

·         योजना के तहत ‘मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना’ संबंधित पुस्तिका भी वितरित की गई है।

योजना प्रमुख लक्ष्य जो शासन द्वारा किए गए तय

·         योजना लागू करने का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ और निरोगी बनाना है।

·         राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्द है।

·         क्षय रोगियों के नि:शुल्क जांच और उपचार के लिए पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम लागू किया गया है।

·         डॉट्स पद्धति क्षय रोग के उपचार में कारगार साबित होगी।

·         टी.बी. से पीड़ित मरीजों के बेहतर पोषण के लिए राज्य सरकार अभिनव पहले करते हुए ‘मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना’ प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

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·         नए क्षय रोगियों को 6 माह, पूर्व में उपचार प्राप्त कर चुके क्षय रोगियों को 8 माह तथा ड्रग रेजिस्टेंट क्षय रोगियों को 24 माह कर प्रोटीन एवं वसायुक्त पौष्टिक आहार नियमित रुप से प्रत्येक माह दिया जाएगा।

मरीज को मिलने वाला पौष्टिक आहार में शामिल

·         खाद्य सामग्री में एक लीटर सोयाबीन तेल

·         डेढ़ किलो मूंगफली दाना

·         एक किलो दूध पाउडर प्रत्येक माह

·         ये सभी सामग्री फूड बॉस्केट के रुप में उपलब्ध की जाएगी।

कहां मिलेगा फूड बॉस्केट

·         खाद्य सामग्री का वितरण जिला अस्पताल

·         सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

·         प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर से किया जाएगा।

वर्तमान स्थिति

लोगों में जागरुकता का परिणाम है कि वर्तमान में एक लाख में से 142 लोग जांच और उपचार करा रहे हैं। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में ड्रग रेजिस्टेंट टी.बी के लगभग 744 मरीज, साधारण टी.बी. रोगियों की संख्या 30573 है। जिनका उपचार, इंटरमिटेंट डॉट्स के माध्यम से किया जा रहा है।

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