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छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की स्टार्टअप योजना, व्यापार शुरू करने वाले को सरकार देगी लाखों रुपये

छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की स्टार्टअप योजना, व्यापार शुरू करने वाले को सरकार देगी लाखों रुपये
छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की स्टार्टअप योजना, व्यापार शुरू करने वाले को सरकार देगी लाखों रुपये

प्रधानमंत्री देश के युवाओं से लगातार कहते रहे हैं कि वे नए आइडिया के साथ ऐसा काम शुरू करें, जो कुछ अलग हो, नया हो, एक मिसाल हो, जो आपको और देश को आगे बढ़ाता हो। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ सरकार ने स्टार्टअप्स योजना शुरु की है।

जिसमें नया उद्यम शुरू करने वाले स्टार्टअप कारोबारियों को तीन साल का टैक्स अवकाश, पूंजीगत लाभ, इंस्पेक्टर-राज से मुक्त परिवेश और वित्त पोषण के लिए दस हज़ार करोड़ रुपये का कोष स्थापित करने के साथ-साथ नौ श्रम एवं पर्यावरण क़ानूनों के अनुपालन के लिए स्व:प्रमाणन योजना की घोषणा की गई है।

उद्यम शुरू होने के पहले तीन साल के दौरान कोई जांच नहीं की जाएगी। नई सोच के साथ आने वाले तकनीक आधारित इन नए उद्यमों को पेटेंट पंजीकरण शुल्क में 80 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। स्टार्टअप उद्यमों को सरकारी ठेकों में अनुभव और कारोबार सीमा के मामले में छूट मिलेगी।

ऐसे उद्यमों में वित्त पोषण को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों द्वारा किए गए निवेश के बाद अपनी संपत्ति बेचने पर 20 प्रतिशत की दर से लगने वाले प्रॉपर्टी गेन टैक्स (पूंजीगत लाभ टैक्स) की छूट मिलेगी। जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उद्यम पूंजी कोषों के निवेश पर भी उपलब्ध होगी।

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क्या है स्टार्टअप

स्टार्टअप यानी ऐसा बिजनेस, जो अभी शुरू हुआ है या होने वाला है। कुछ लोग स्टार्टअप शब्द को छोटे व्यापार के पर्यायवाची के रूप में लेते हैं। लेकिन दोनों की परिभाषाएं सर्वथा भिन्न हैं। स्टार्टअप, छोटे उद्योगों एवं बड़े उद्योगों की विचारधारा और कार्यप्रणाली में बहुत अंतर है।

इनमें निवेश और मुख्य कार्यक्षमता के संकेतक भी अलग-अलग होते हैं। स्टार्टअप टर्म या शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर तकनीकी उद्योगों के लिए किया जाता है। स्टार्टअप की नींव रखने वाला व्यक्ति केवल अपना बॉस नहीं बने रहना चाहता, बल्कि अपना बिजनेस बढ़ाना चाहता है।

छत्तीसगढ़ स्टार्टअप चैलेंज

छत्तीसगढ़ स्टार्टअप चैलेंज यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य के द्वारा शुरू की गई एक नई योजना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस योजना के तहत राज्य सरकार स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन की पेशकश कर रहा है।

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सरकार ने स्टार्टअप के विस्तार के लिए और व्यापार के लिए सक्रिय होने के लिए तंत्र विकसित करने के लिए मदत का हाथ बढ़ाया है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार स्टार्टअप के लिए अच्छा वातावरण और सुविधाओ की पुष्टि कर रहा है।

छत्तीसगढ़ स्टार्टअप चैलेंज का लाभ

राज्य सरकार स्टार्टअप उद्यमियों के लिए कई प्रोत्साहन की पेशकश कर रही है।

राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लाभ।

सरकार ने स्टार्टअप के विस्तार के लिए और व्यापार के लिए सक्रिय होने के लिए तंत्र विकसित करने के लिए मदत का हाथ बढ़ाया है।

चुने गए उम्मीदवार के लिए समर्थन संरक्षक, परिनिवेश और ऊष्मायन सेवाओं का लाभ।


छत्तीसगढ़ स्टार्टअप चैलेंज कैसे काम करता है?


इस योजना के अंतर्गत इच्छुक उम्मीदवार किसी भी प्रकार के अपने विचार व्यक्त कर सकता है, जैसे की प्रोटोटाइप, बाजार में मान्य

वेबसाइट पर राजस्व के साथ एक मौजूदा व्यवसाय प्रस्तुत कर सकते हैं।


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राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी 27 जिलों में बूट शिविर का आयोजन होगा।


बूट शिविर शुरू कर सरकार सफल व्यवसाय करने वाले लोगो की पहचान कर रहा है और उन्हें बढ़ावा दे रहा है।


राज्य सरकार द्वारा नए स्टार्टअप्स को नई दिशा और सहायता प्रदान की जाएगी।


मिशन के अहम बिन्दु

पहले 36 स्टार्टअप तीन साल तक भुगतान किया टैक्स वापस होगा


इन्हें 4 विशेष अनुदान भी मिलेगा। इसमें प्रोजेक्ट रिपोर्ट, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, तकनीकी पेटेंट, प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान शामिल है।


स्टार्टअप उद्योगों को सरकार बिजली शुल्क में 10 साल तक छूट देगी।


उद्योग लगाने के लिए जमीन खरीदने या लीज लेने पर स्टाम्प शुल्क से भी छूट।


औद्योगिक पार्कों में लगने वाले सूक्ष्म, लघु व मध्यम क्षेणी के उद्योगों को सरकार लैंड प्रीमियम पर 60 प्रतिशत सब्सिडी देगी।


छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्वप्रमाणीकरण की सुविधा मिलेगी।

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