छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की किसानों के लिए ऑनलाइन खसरा एवं प्रमाणित नक्शा उपलब्ध योजना

छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की किसानों के लिए ऑनलाइन खसरा एवं प्रमाणित नक्शा उपलब्ध योजना

किसानों की सुविधा एवं डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 30 सितंबर 2016 को किसानों के लिए भू-अभिलेखों की नि:शुल्क प्रमाणित प्रतिलिपि प्रदान की गई।

वर्तमान समय में राजस्व विभाग द्वारा किसानों को उनके कृषि भूमि के खसरा, बी-1, भू-नक्शा के प्रमाणित प्रतिलिपि प्रदान की जा रही है। इस योजना की सहायता से अब किसानों को कार्यालय के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल गया है।

क्या है खसरा और प्रमाणित नक्शा

राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी किसानों के लिए ऑनलाइन योजना शुरु की है। इस योजना के तहत किसानों को ऑनलाइन खसरा और प्रमाणित नक्शा दिया जाता है। योजना के लिए राज्य के 19 हजार 125 गांवों पर सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है।

वहीं इस योजना के अधीन वर्ष 2016 के अगस्त माह में सभी गांवों के किसानों के दस्तावेजों को डिजिटलाइज्ड किया जा चुका है। बतातें चलें कि विभाग द्वारा इस योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया सितंबर माह से शुरु की गई थी।

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योजना लागू करने का प्रमुख उद्देश्य

योजना के लागू होने पर किसानों की समस्याओं का निराकरण जल्द होगा। इससे किसानों को उनके दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाएगा।

भारत के सभी राज्य में किसानों के लिए इस तरह की योजनाएं एवं कार्यक्रम लागू किए गए है। जिनकी मदद से प्रत्येक किसान को डिजिलाइजेशन से जोड़ा जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में भी यह योजना लाभकारी सिद्द होने वाली है।

विभाग द्वारा शामिल हुए जिले

·         प्रथम चरण 2008-09 में तीन जिले बिलासपुर, मुंगेली और नारायपुर

·         दूसरे चरण 2009-10 में तीन जिले राजनांद गांव, रायगढ़ और कोरबा

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·         तीसरे चरण 2011-12 में बारह जिले बस्तर एवं कोंडागांव, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा एवं सुकमा, उत्तर बस्तर कांकेर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर- रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर और कबीरधाम

·         चौथे चरण साल 2013 में नौ जिले रायपुर, बलौदबाजार, भाटापारा, गरियाबंद, मगासमुंद, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग एवं बालोद, बेमेतरा, कोरिया और जशपुर

योजना की महत्वपूर्ण जानकारी

·         छत्तीसगढ़ के सभी किसानों व भूस्वामियों को जमीन संबंधी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि योजना के तहत मुफ्त दी जाएगी। लेकिन यह मुफ्त सुविधा केवल एक बार ही दी जाएगी।

·         राज्य सरकार द्वारा सभी किसानों व भू स्वामी खाताधारकों को जमीन संबंधी नक्शा, खसरा व बी-1 कंप्यूटरीकृत प्रमाणित प्रतिलिपि सितंबर 2016 तक पूरी की गई।

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·         प्रदेश की 146 तहसीलों में 54 लाख से ज्यादा खाताधारक भूमि स्वामी है। जिन्हें इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

·         इनकी जमीन से संबंधित दस्तावेजों को कंप्यूटरों में दर्ज किया जा रहा है।

·         नक्शों का अद्यतन सभी ग्राम नक्शा सीटों का खसरा बी-1 के अनुरुप किया जा चुका है।

·         वर्तमान में तहसीलों में कंप्यूटर के माध्यम से खसरा बी-1 की नकल उपलब्ध कराई जा रही है। तहसीलों में पटवारियों को कंप्यूटर दिए गए है।

·         मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने इस कार्य को किसानों तथा आम जनता के हक एवं अधिकार से जुड़े होने के कारण प्राथमिकता के साथ समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए है।

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