मध्य प्रदेश

जानिए क्या है मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना

जानिए क्या है मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना

मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया जा रहा है। एक ऐसी ही योजना है ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’। जिसे सरकार द्वारा युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू किया है। योजना के जरिए युवा स्वयं के उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने के लिए सक्षम होंगे। इसके अंतर्गत प्रत्येक युवा को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना

शिवराज सरकार के अधीन शुरु की गई ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ प्रदेश में 1 अगस्त 2014 को शुरु की गई थी। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा मार्जिन मनी सहायता, ब्याज सब्सिडी, ऋण गारंटी और लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

योजना प्रमुख उद्देश्य

योजना लागू करने का उद्देश्य Collateral security की आवश्यकता के बिना राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। योजना ख़ासतौर से ग्रामीण क्षत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा शहरी क्षेत्रों में वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के माध्यम से किया जाएगा।

इसे भी पढ़े   जानिए क्या है पंजाब सरकार की MDM ऐप, सरकारी स्कूलों से रुकेगी धांधलेबाजी

किसको मिलेगी सुविधा

  • योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश निवासी ही उठा सकते है।
  • आवेदक कम से कम 5वीं पास होना जरुरी है।
  • आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • आवेदक किसी राष्ट्रीयकृत या निजी क्षेत्र के बैंकों/वित्तीय संस्था/सहकारी बैंकों द्वारा defaulterघोषित नहीं किया होना चाहिए।
  • यदि आवेदक पहले से किसी शासकीय उद्यमी/स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर रहा हो तो इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होगा।
  • ये योजना केवल उद्योग सेवा कंपनी व्यवसाय स्थापित करने के लिए उपलब्ध है व्यापारिक गतिविधियों के लिए नहीं।
  • प्रत्येक व्यक्ति इस योजना के तहत एक बार ही सहायता प्राप्त कर सकता है।
  • आवेदक पहले से किसी राज्य में चलने वाली योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त नहीं किया होना चाहिए।
  • ये योजना केवल उद्योग,सेवा कंपनी और व्यवसाय स्थापित करने के लिए उपलब्ध है।
इसे भी पढ़े   जानिए क्या है बिहार सरकार की लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा योजना, सरकार देगी पैसा

योजना के तहत मिलने वाली धनराशि

  • योजना के तहत परियोजना लागत 20 हजार से 10 लाख रुपए के बीच होगी।
  • परियोजना लागत पर अधिकतम 25000 पर ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार परियोजना लागत 50,000 का 20 प्रतिशत मार्जिन मनी के रुप में या अधिकतम 10,000 रुपए एक मुस्त में प्रदान करेगा।
  • योजना के अंतर्गत गारंटी शुल्क प्रचालित दर पर अधिकतम 7 वर्ष तक देय होगी।

आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदन फार्म संबंधित जिला कार्यालय में मुफ्त उपलब्ध हैं।
  • आवेदन पत्रों की समीक्षा करने के बाद जांच की जाती है साथ ही आवेदनकर्ता को चयनित किया जाता है।
  • आवेदक जिन्होंने अपनी अधूरी जानकारी आवेदन में दी है उन्हें संपूर्ण विवरण पूरा करने के लिए बुलाया जाएगा।
  • आवेदकों को आवश्यक रुप से आवेदन पत्र के साथ प्रस्तावित परियोजना की सामान्य परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
  • इसके बाद आवेदन पत्र को इस योजना के तहत निर्वाचित संबंधित विभाग की चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
  • अयोग्य आवेदन पत्र खारिज कर दिए जाएंगे।
  • आवेदन की स्वीकृत के बाद 15 दिनों के भीतर ऋण वितरित किया जाएगा।
  • ऋण वितरण के बाद आवेदकों को सरकार द्वारा अपने उद्योग/व्यापार के विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • योजना के जरिए दिया जाएगा प्रशिक्षण
  • ऋण वितरण के बाद आवेदकों को सरकार द्वारा अपने उद्योग, व्यापार के विकास के लिए सरकार द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति के पश्चात् उद्यमी के विकल्प पर उद्यमिता विकास प्रशिक्षण आवश्यक होने पर शासन के द्वारा दिया जाएगा। इस संबंध में पृथक से निर्देश जारी किए जाएंगे।
  • उद्यमिता विकास कार्यक्रम में पूर्व प्रशिक्षित आवेदक को इस योजना के अंतर्गत पृथक से प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक नहीं होगा। परंतु आवश्यकता के आधार पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
Click to comment

Most Popular

To Top