मुख्यमंत्री योजना

जानिए क्या है हरियाणा सरकार की स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना, मीटर लगवाने में होगी आसानी

जानिए क्या है हरियाणा सरकार की स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना, मीटर लगवाने में होगी आसानी
जानिए क्या है हरियाणा सरकार की स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना, मीटर लगवाने में होगी आसानी

हाल ही में हरियाणा बिजली वितरण ने दोषपूर्ण मीटर की घोषणा के लिए शुरू किया गया है। जिसमे 5 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं की सभी श्रेणियों हेतु ‘स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना’ की लाभ मिलेगा।जिसके तहत यदि किसी उपभोक्ता के मीटर में कोई कमी है या फिर कोई शिकायत करनी है।

तो वो इस योजना के तहत घोषणा कर सकता है। ‘स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना’ के अंतर्गत मीटर से छेड़छाड़ के मामलों में बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ मीटर बदल कर ठीक लगाने की प्रक्रिया को शामिल किया गया था।

क्या है स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना

हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा ‘स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना 2017’ की बेहतरीन शुरुआत की गई। योजना को मुख्य तौर से दोषपूर्ण मीटर और मीटर घोषित करने के लिए लॉन्च किया गया था। योजना में केवल ऐसे मीटर को शामिल किया गया है। जिनमें उपभोक्ता द्वारा कोई छेड़छाड़ की गई है।

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योजना प्रमुख तत्व

उपभोक्ता द्वारा मीटर से छेड़छाड़ के मामले पर उपभोक्ता की वास्तविक खपत दर्ज के आधार पर बिल लिया जाएगा।

उपभोक्ता को बिजली बिल की गणना की राशि जमा करने के लिए अनुमति दी जाएगी और एसडीओ द्वारा या छह बराबर द्विमासिक किस्तों की एक अधिकतम में सूचना की तारीख के बाद एकमुश्त के अनुसार ली जाएगी।

योजना प्रमुख लाभ

सभी वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल 20 किलोवाट तक का पूरा लोड हो रहा है। वहीं योजना की सहायता से उपभोक्ता अपने बकाया बिलों के भुगतान पर नए मीटर स्थापित कर सकते हैं।

वीडीएस योजना सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए शुरु की गई और जिनके पास 5 किलोवाट तक स्वीकृत भार था अब उसे 20 किलोवाट लोड कर दिया गया है।

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योजना प्रमुख विशेषताएं

योजना के तहत उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से अपने मीटर के छेड़छाड़ या दोष पाने की स्थिति में घोषणा के द्वारा बिना दंड अपने बकाया बिलों के भुगतान पर नए मीटर स्थापित करने में आसानी होगी।

योजना के तहत बिजली उपयोगिता के राजस्व में वृद्धि की संभावना स्थापित की जा सकेगी।

योजना के तहत भुगतान और नए मीटर जमा करने के बाद, उप-विभाग अभियंता एम एंड टी लैब से परीक्षण करने के तीन दिनों के भीतर मीटर स्थापित किए जा सकेंगे।

उपभोक्ताओं को जिनके मीटर को अपने परिसर से संदेह पर हटा दिया गया था, लेकिन प्रयोगशाला में जांच नहीं की गई। वह स्वेच्छा के तहत जानकारी घोषित कर सकते है।

योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया

शून्य से पांच किलोवाट तक वाले बिजली मीटरों में गड़बड़ी कर रहे बिजली उपभोक्ताओं को बिजली निगम द्वारा मौका दिया गया था। यदि मीटर में कोई गड़बड़ी है तो वह 31 दिसंबर तक बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत कर ठीक करा सकता है।

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यदि बिजली निगम ने इस मामले में किसी को दोषी पाया तो विभाग द्वारा उस पर कार्यवाई की जाएगी। बता दें उत्तर हरियाणा में बिजली वितरण निगम की स्वैच्छित प्रकटीकरण योजना 21 नवंबर से शुरु की गई थी।

योजना के तहत यदि बिजली उपभोक्ता द्वारा गड़बड़ी की सूचनी नहीं दी गई तो उससे विभाग द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा इतना ही नहीं उपभोक्ता के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।

योजना के तहत सूचना बिजली निगम के संबंधित एसडीओ को लिखित में देने का प्रावधान है।
बिजली की इस योजना को पूरी तरह लागू करने व इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से टीमों का गठन किया गया।

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