छत्तीसगढ़

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने असंगठित मजदूरों के लिए “मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना” नामक एक नयी योजना का आरंभ किया है। ये राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक मुफ्त भोजन परियोजना है। जो छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित सभी पंजीकृत मजदूरों को मध्यान्ह (lunch) भोजन  प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में से एक है जहाँ लोग अपनी जीविका दैनिक श्रम, खनन, कृषि, निर्माण श्रम, औद्योगिक श्रम, आदि के माध्यम से कमाते हैं। इन दैनिक मजदूरों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने इस मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता  योजना को शुरू किया है।

इस योजना से मजदूरों को काम करते वक्त उनके टिफिन और दोपहर के भोजन की लागत से बचत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना (MSASY) को जल्द ही अन्य जिलों और राज्य के शहरों में शुरू किया जाएगा। ये पूरे देश में अपनी तरह की पहली मुफ्त भोजन योजना है।

क्या है मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना

राज्य सरकार ने राज्य में असंगठित क्षेत्र में पंजीकृत मजदूरों के लिए मुफ्त भोजन योजना की शुरूवात की है। निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों सहित सभी पंजीकृत असंगठित मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा। राज्य के श्रम विभाग द्वारा मजदूरों को मुफ्त भोजन प्रदान किया जाएगा। असंगठित मजदूर न सिर्फ अपनी जीविका के लिए काम करते है बल्कि वे भी राष्ट्र के निर्माण में मदद करते हैं। मजदूरों को अब राज्य में “मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना” के शुभारंभ के बाद खाने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य

राज्य में असंगठित क्षेत्र में पंजीकृत मजदूरों के लिए राज्य सरकार द्वारा मुफ्त भोजन की शुरूआत की है । सभी पंजीकृत असंगठित मजदूरों सहित निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। मजदूरों को राज्य के श्रम विभाग द्वारा मुफ्त भोजन प्रदान किया जाएगा ’मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना’ के शुभारंभ के बाद मजदूरों को खाने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है । असंगठित मजदूर न सिर्फ अपनी जीविका के लिए काम करते हैं बल्कि वे भी राष्ट्र के निर्माण में मदद् करते हैं।

मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के लाभार्थी कौन होंगे

इस योजना के नाम से ही विदित है कि इस योजना को छत्तीसगढ़ में रहने और काम करने वाले मजदूरों की स्थिति में सुधार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना से दैनिक या अनुबंध के आधार पर मजदूरी करने वाले मजदूर वर्ग को लाभ होगा। व्यक्ति मजदूर के रूप में इस तरह के किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकते हैं।

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कृषि मजदूर (Agricultural labourers)

निर्माण मजदूर (Construction labourers)


खनन मजदूर (Mining labourers)


उद्योग और कारखाने के मजदूर (Industry and factory labourers)


Textile मजदूर (Textile labourers)


मजदूरों को पंजीकृत होना जरूरी है और असंगठित क्षेत्रों से संबंधित होना चाहिए। सरकार मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के तहत lunch के लिए मुफ्त पौष्टिक भोजन प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना में पंजीकरण (Register) कैसे करें

छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग ने गांधी मैदान में उद्घाटन दिवस पर मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के तहत पंजीकरण करने के लिए एक के पंजीयन बूथ खोला है। हालांकि, इस योजना में कोई भी मजदूर चाहे वो सरकारी परियोजना या निजी निर्माण और अन्य साइटों में काम कर रहे हों शामिल हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में मुफ्त भोजन का लाभ प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस योजना के तहत अभी पंजीकरण का कोई ऑनलाइन मोड नहीं है। जो 12 जनवरी 2017 को अपना पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं पात्र लाभार्थी ब्लॉक या पंचायत कार्यालय में स्थित श्रम विभाग के कार्यालय से MSASY के लिए आवेदन फार्म प्राप्त कर सकते हैं।

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श्रमिक अन्न सहायता योजना का पंजीकरण

आवेदन फार्म को मजदूर द्वारा किए गए कार्य के विवरण के साथ भरा जायेगा।

सभी आवश्यक दस्तावेजों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर सम्बंधित कार्यालय में प्रस्तुत किया जायेगा।


मजदूर को एक पंजीकरण कार्ड जारी किया जाएगा जिससे मजदूर मुफ्त भोजन योजना के लिए पात्र बन जायेगा।

मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के मुख्य पहलू

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के लाभार्थियों के भोजन की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दोपहर के भोजन जिस दिन सरकारी रसोई और कैंटीन में परोसा जाना है उसी दिन उसे पकाया जाएगा। दोपहर के भोजन की तैयारी के दौरान उचित स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा।

मजदूरों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन में पोषण का महत्व बनाए रखना मुख्यमंत्री श्रमिक अन्न सहायता योजना के संबंधित प्राधिकारी की प्रमुख प्राथमिकता होगी। दोपहर के भोजन को अच्छी तरह से लंच बॉक्स में पैक किया जाएगा और समय सीमा 9 – 12 के भीतर मजदूरों को प्रदान किया जाएगा।

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