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जानिए क्या है राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना, युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

जानिए क्या है राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना, युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
जानिए क्या है राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना, युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

हम सभी जानते है कि प्रशिक्षुता किसी उस्ताद कारीगर के मातहत की कला या व्यवसाय को सीखने का एक बहुत ही आजमाया हुआ और पुराना तरीका है। प्रशिक्षण के दौरान अगर किसी प्रशिक्षु को शिष्ट व्यवहार, कार्य, संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा संगठनात्मक व्यवहार की शिक्षा दी जाएं तो ये प्रशिक्षुत व्यक्ति के भविष्य में स्थाई रोज़गार प्राप्त करने में कारगार साबित हो सकती है।

कुछ ऐसे ही विचार से मोदी सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’ तैयार की गई जिसके तहत कुशल मानव शक्ति को बढ़ावा दिया जा सकेगा। आइए इस योजना को थोड़ा और करीब से जानें।

क्या है ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’

‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’ भारत सरकार द्वारा लागू की गई एक ऐसी योजना है जिसका मकसद कुशल मानव शक्ति को बढ़ावा देना है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 अगस्त, 2016 को कानपुर में औपचारिक तौर पर की थी।

इस योजना के तहत एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि के अंत में प्रशिक्षु को किसी क्षेत्र विशेष में उसकी दक्षता से संबधित प्रमाण पत्र दिया जाता है। देखा जाएं तो किसी भी युवा वर्ग के गौरव को बढ़ाने का काम इस योजना द्वारा किया जाता है ताकि वह भविष्य में किसी भी चयनित क्षेत्र में अपना बेहतर योगदान दे सकें।

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‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’ का उद्देश्य

दरअसल ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’ एक वर्ष का कार्यक्रम है जो तकनीकी दृष्टि से शिक्षित युवा को उस व्यावहारिक ज्ञान और उन कौशलों से परिपूर्ण बनाता है जिनकी आवश्यकता उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में पड़ती है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षुओं को विभिन्न संगठनों द्वारा उनके कार्यस्थल पर ही प्रशिक्षण दिया जाता है।

इसमें सुविकसित प्रशिक्षण मॉड्यलों का उपयोग करके प्रशिक्षित प्रबंधक यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रशिक्षुगण अपने काम को शीघ्रता और पूर्णता से सीखने में कामियाब हो रहे है या नहीं। बतातें चलें कि प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के उन संस्थानों में दिया जाता है जिनके पास प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।

योजना के प्रमुख घटक

1)  योजना के तहत एक प्रशिक्षु को दिए जाने वाले कुल वजीफे का 25 फीसदी प्रत्येक महीने भारत सरकार द्वारा सीधे उनके नियोक्ताओं को प्रदान किया जाता है। बता दें 25 फीसदी से आशय लगभग 1500 रुपए तक की अधिकतम राशि से है।

2)  योजना के तहत भारत सरकार द्वारा बुनियादी प्रशिक्षण प्रदाताओं को अप्रशिक्षित प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति करना होता है।यह अधिकतम 500 घंटे और 3 महीने की अवधि हेतु 7500 रुपए प्रति तय की गई है।

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‘राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना’ के लक्ष्य

सरकार ने प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने और नियोक्ताओं
को प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने की प्रेरणा देने के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षु संवर्धन योजना की शुरूआत की, जिसके संबधित कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्य है:-

1) निर्धारित वजीफे के 25 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति जो नियोक्ता के लिए अधिकतम 1500 रुपये प्रति माह प्रति प्रशिक्षु होगी।

2) फ्रेशर प्रशिक्षु के संबंध में बुनियादी प्रशिक्षण की लागत को साझा किया जाना (जो कि बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के सीधे आए थे)

3) एनएपीएस को वर्ष 2020 तक प्रशिक्षुओं की संख्या 2.3 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने के महत्वाकांक्षी उद्देश्य के साथ शुरू किया गया।

4) अगस्त माह में योजना के शुरू होने के बाद से 1.43 लाख छात्र इसमें पंजीकृत हो चुके हैं। रक्षा मंत्रालय ने अपने अंतर्गत आने वाली सभी पीएसयू कंपनियों को कुल कर्मचारियों में से 10 फीसदी प्रशिक्षु शामिल करने को कहा है।

प्रशिक्षुओं अधिनियमों में किए गए बदलाव

सूचनाओं के आधार पर प्रशिक्षु अधिनियम, 1961 को 2014 में संशोधित किया गया और वह 22दिसंबर, 2014 से प्रभावी हुआ। संशोधन द्वारा किए जाने वाले मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं –

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1)    प्रशिक्षु अधिनियम के तहत अब कारावास का प्रावधान नहीं है। संशोधन के बाद अधिनियम की अवहेलना करने पर केवल जुर्माना लगाया जाएगा।

2)    कामगार की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है और प्रशिक्षुओं के नियुक्त किए जाने की संख्या तय करने के तरीके को बदला गया है। इन संशोधनों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियोक्ता बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं को नियुक्त करें।

3)    संशोधन में एक पोर्टल बनाने का प्रावधान किया गया है ताकि दस्तावेजों, संविधाओं और कराधान आदि को इलेक्ट्रानिक रूप से सुरक्षित किया जा सके।

अधिक जानकारी के लिए

योजना, एप्रेंटाइसशिप चक्र की निगरानी और प्रभावी प्रशासन के लिए एक उपयोगकर्ता के अनुकूल ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया। पोर्टल पर नियुक्ति प्रक्रिया की सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध रहती हैं।

यहां पंजीकरण से लेकर रिक्तियों की संख्या और प्रशिक्षु के लिए रजिस्ट्रेशन से लेकर ऑफर लेटर स्वीकारने तक सभी जानकारियां उपलब्ध हैं। जिसके लिए आपको यहां क्लिक करना होगा और इसके बारे में अधिक जानकारी लेनी होगी।

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